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केरला, जुलाई 13, 2016:  आरएसएस स्वयंसेवक एवं भारतीय मजदूर संघ के नेता सी क रामाचंद्रन जो की पेशे से ऑटो चालक थे उनको सोमवार की रात को अग्यात लोगों ने चाकू से गोद कर मार डाला|

ये घटना कन्नूर, केरला में हुई है और इसके लिए भाजपा केरला अध्यक्ष कुम्मनम राजसेखरण ने आरएसएस स्वयंसेवक की मौत के लिए सीधे सीधे सत्ता में बैठी सीपीएम को दोषी ठहराया है| उन्होने पोलीस से कहा है की बजाय इसके की वो सत्ता में बैठे लोगों की सुनें, उसको दोषियों को गिरफ्तार करने की कोशिश करनी चाहिए|

आरएसएस स्वयंसेवक रामाचंद्रन की बेटी उनके शव को देखकर रो पड़ी और अपने पिता को बोली की अब उठ जाओ देखो मेरा बुखार जा चुका है| मेरा माथा छूकर देखो| ये सुनकर सभी की आँखों में आँसू आ गये|

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पिता के लिए रोते रामाचंद्रन के बेटे बेटी|

सैकड़ों की संख्या में रामाचंद्रन को आखरी बार देखने के लिए लोग उमड़ पड़े|

अभी अभी कुम्मनम ने ये भी बताया है की भाजपा के जनरल सेक्रेटरी के. सुरेन्द्रन को भी सोशियल मीडीया से जान से मारने की धमकी दी जा रही है जिसपर भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने उनको कहा है की तुरंत हाई कोर्ट में रिट पेटिशन डाल दो|

इसी पहले सीपीएम के कार्यकर्ता धनराज (36) को अग्यात लोगों ने मार डाला था| धनराज को भी उसके घर में घुस कर ही मारा गया था और हमलावर बाइक पर आए थे| धनराज को पारियराम मेडिकल कॉलेज में ले जाया गया था जहाँ उसने आखरी साँसें लीं| उसकी पार्टी ने इस मौत के लिए आरएसएस को ज़िम्मेदार बताया था और उसी रात को रामचंद्रन को पययणनूर में मार डाला गया|

इसी पहले सुजीत नाम के आरएसएस कार्यकर्ता को भी उसके माता पिता के सामने ही घर में घुस कर मारा था| उसके माता पिता ने जब उसको ना मारने की विनती की और बचाने की कोशिश की तो हमलावरों ने उन पर भी चाकू से वार कर दिया था| सुजीत ने भी ऐसे ही दम तोड़ दिया था| तब भाजपा ने सीपीएम पर ही उंगली उठाई थी|

कांग्रेस के सुनील कुमार को भी ऐसे ही वीभत्स तरीके से मारा गया था और उसके कत्ल में भी सी पी एम के लोगों का ही हाथ बताया गया था और इसी पार्टी के चार लोगों को पोलीस ने पकड़ा भी था|

केरला में इस तरह की मार काट बढ़ती जा रही है और इसका रूप पश्चिम बंगाल की तरह का ही होता जा रहा है| आरएसएस, भाजपा, सी पी एम, कांग्रेस के कई कार्यकर्ता इसी तरह बेमौत मारे जा रहे हैं|

यहाँ ये बताना ज़रूरी है की राष्ट्रीय मीडीया की नज़र केरला पर ना होना भी इस तरह की हत्याओं को बढ़ावा देता है, क्यूंकी केरला से आती ऐसी कई घटनायें दबा दी जाती हैं और राजनीति में रहने वालों के परिवारों को इसी त्रासदी में जीना पड़ता है, की पता नहीं कब कौन सी अशुभ घटना की खबर आ जाए|