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मुंबई, जून 13, 2016: जब जम्मू से इस शनिवार की भोर में कश्मीरी पंडितों का जत्था सुबह निकला था तो उनके मन में केवल क्षीर भवानी के दर्शन की अभिलाषा थी|

पर अनंतनाग के खन्नाबल में शाम में इस जत्थे पर कुछ छुपे हुए बदमाशों ने पथराव किया जिसमें 4 महिलायें घायल हो गयीं| घायल यात्रियों को पास के आर्मी कैंप में पहुँचाया गया जहाँ तुरंत उनको उपचार मिला|

ये गौरतलब है की कुछ तत्व कश्मीरी पंडितों के वापस आने की आहत से पहले ही ऐसा माहौल बनाने का काम करने में लग गये हैं जिसके कारण पंडितों की वापसी रोकी जा सके|

क्षीर भवानी मंदिर गांदरबल जिले के तुलमुला में स्थित है और इसमें रविवार से ही वार्षिक मेला शुरू हुआ है जो इस समुदाय के लिए बेहद महत्वपूर्ण है|

लेकिन इन शरारती तत्वों को तब मुँह की खानी पड़ी जब खुद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ही क्षीर भवानी मंदिर में पहुँच गयीं और पूजा अर्चना की।

साथ ही साथ उन्होने पंडितों की वापसी पर अपने समर्थन की खुली मुहर भी लगा दी और अपनी सरकार के प्रयासों की जानकारी भी दी|

इस मंदिर की बहुत मान्यता है और इसी पहले पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी यहाँ पूजा अर्चना कर चुके हैं| यहाँ माता भवानी को खीर चढ़ाई जाती है इसीलिए इसका नाम क्षीर  भवानी पड़ गया है| इस मंदिर में हिंदुओं के साथ बाकी धर्मों के लोग भी अपनी मनौती के पूर्ण होने के लिए आते हैं|