झुनझुनु राजस्थान के 19-वर्षीय हिंदू युवक योगेश कुमार को अजीब सी मुसीबत में डाल दिया है|

अँग्रेज़ी दैनिक हिन्दुस्तान टाइम्स ने खबर दी है की 19-वर्षीय हिंदू युवक जो की राणा जात से ताल्लुक रखता है और ढोली समुदाय के अंदर आता है उनको संपूर्ण रूप से मुसलमान घोषित कर दिया है|

ये कदम मिनिस्ट्री ऑफ सोशियल जस्टीस एंड एंपावर्मेंट ने लिया था और कहा था की 2013 के बाद इस पूरे के पूरे समुदाय को मुसलमान ही माना जाएगा|

मंत्रालय ने ये कदम इसलिए उठाया क्यूंकी उसको लगा की इस समुदाय ने उपरी जात के हिंदुओं से दुखी होकर मुगल काल में ही इस्लाम अपना लिया था! नागरची-दमामी और बैटी (बरोट) जात के लोगों को भी भारत सरकार ने  अपने आप से मुसलमान मान लिया है|

19-वर्षीय हिंदू युवक जो की सीआरपीएफ में कॉन्स्टेबल की नौकरी करने की मंशा रखता है, उसको अब या तो इस नौकरी के लिए इस्लाम अपनाना पड़ेगा या उसको कॉन्स्टेबल की नौकरी का अपना सपना तोड़ना पड़ेगा|

जुलाई 16 को कुमार को फिज़िकल एग्ज़ाम के लिए गाँधीनगर बुलाया गया है और उसको उसकी जात साबित करने के लिए अनुसूचित जाति सर्टिफिकेट चाहिए, जो उसके पास है ही नहीं|

कुमार इस्लाम अपनाने का इच्छुक नहीं है क्यूंकी उसका परिवार हिंदू है, पर वो एक ग़रीब घर से संबंध रखता है और उसको नौकरी की बेहद ज़रूरत भी है|

योगेश कुमार ने ये भी बताया है की जहाँ भारत सरकार ने उसकी पूरी की पूरी बिरादरी को मुसलमान ही मान लिया है, वहाँ बहुतेरे हिंदू हैं!

क्या योगेश कुमार को न्याय मिलेगा? और क्या पता ऐसे कितने योगेश कुमार सरकारी क़ानूनों से बदहाल होकर भटक रहे हैं|

सवाल यहाँ ये भी उठता है की आख़िर सरकार ने कैसे ये एकतरफ़ा फ़ैसला ले लिए? और अगर इस बच्चे की ज़िंदगी इस तरह के बेहूदा फ़ैसलों से खराब होगी, तो इसका भुगतान कैसे और कब करेगी हमारी सरकार?

दो दिन में योगेश कुमार के भाग्य का फ़ैसला होगा, उम्मीद है की न्याय हो|

Credit: Hindustan Times