Select Page

श्रीलाल द्वारा मंदिर में व्यास पूजा एवं गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इसमें हजारों संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मंदिर प्रांगण में सुबह हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। उसमें किरण एवं पवनपुरी तथा आशा एवं राममूर्ति शर्मा मुख्य यजमान थे।

पंडित गोपाल शर्मा ने विधि विधान से यज्ञ में आहूति डलवाई। इसके बाद भजन कीर्तन का कार्यक्रम शुरू हुआ। जिसमें श्री लक्ष्मी नारायण संकीर्तन मंडल, मोहित कुमार धवन एंड पार्टी तथा कई भजन मंडलियों ने अपने भजनों से बाबा लालदयाल जी का गुणगान किया। श्रद्धालु भजनों पर झूमते नजर आए। सभी श्रद्धालुओं ने लाइन लगाकर बाबा लाल जी की प्रतिमा पर तिलक लगाकर पूजा अर्चना की इसके बाद भंडारे का आयोजन किया गया। इस मौके पर मंदिर प्रबंधक कमेटी के महासचिव सुरजीत मेहता, सदस्य सतपाल अरोड़ा, दयाल चंद, रमेश मेहता, खरैतीलाल, नरेंद्र ओबराय, धनीराम, सतपाल कश्यप, देवेंद्र मेहता सहित कमेटी के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

कथा व्यास मदन शास्त्री ने कहा कि गुरु पूर्णिमा का दिन बड़ा पुण्यकारी है। इस दिन सभी गुरु प्रेमियों को गुरु देव भगवान का निष्काम भाव से पूजन करना चाहिए और उनके सामने यह प्रार्थना करनी चाहिए कि हे गुरु देव आपकी कृपा हम पर सदा बनी रहे। हम सदा धर्म में रत रहे। गुरु के प्रति शिष्य का ऐसा भाव होना चाहिए जैसा भगवान कृष्ण का था। सच्चे भाव से ही गुरु पूजन करके गुरु की बातों पर हमेशा अमल करते रहे। इसलिए उन्होंने 64 दिनों में 64 कला सीख ली।

श्री राम वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रीराम पार्क में भंडारे का आयोजन किया गया। एसोसिएशन के महासचिव विजय बक्शी ने बताया कि एसोसिएशन समय-समय पर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। इसमें क्षेत्र के लोग काफी सहयोग करते हैं।