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नई दिल्ली। गुरु पूर्णिमा का पर्व अाज पूरे देश में श्रद्धा अौर उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। देश के कई स्थानों पर गुरु पूजन किया जा रहा है। भक्त जन कहीं पाद पूजन कर रहे हैं तो कहीं शुभअाशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनायें दी।

इसके अलावा राजधानी दिल्ली सहित देशभर में मंदिरों में सुबह से ही लोग पूजा- अर्चना कर रहे हैं। पवित्र नदियों में लोग स्नान कर गुरु का अाशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। जगह-जगह भंडारे का अायोजन किया जा रहा है।

गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व अपने आराध्य गुरु को श्रद्धा अर्पित करने का महापर्व है। देशभर में गुरु पूर्णिमा का पर्व बड़ी श्रद्धा और धूमधाम से मनाया जा रहा है। आषाढ़ के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को ही गुरु पूर्णिमा कहते हैं। इस दिन गुरु पूजा का विधान है।

जानिए क्या है गुरु पूर्णिमा

शास्त्रों में ‘गु’ का अर्थ बताया गया है- अंधकार या मूल अज्ञान और रु का अर्थ है- उसका निरोधक। गुरु को गुरु इसलिए कहा जाता है कि वह अज्ञान तिमिर का ज्ञानांजन-शलाका से निवारण कर देता है अर्थात अंधकार को हटाकर प्रकाश की ओर ले जाने वाले को ‘गुरु’ कहा जाता है।
प्राचीन काल में जब विद्यार्थी गुरु के आश्रम में निःशुल्क शिक्षा ग्रहण करता था तो इसी दिन श्रद्धा भाव से प्रेरित होकर अपने गुरु का पूजन करके उन्हें अपनी शक्ति सामर्थ्यानुसार दक्षिणा देकर कृतकृत्य होता था।
आज भी इसका महत्व कम नहीं हुआ है। पारंपरिक रूप से शिक्षा देने वाले विद्यालयों में, संगीत और कला के विद्यार्थियों में आज भी यह दिन गुरू को सम्मानित करने का होता है।