इलाहाबाद : उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा संचालित विद्यालयों में पढ़ रहे मुस्लिम बच्चों की संख्या में 30% का इजाफा हुआ है। एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।

‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक राज्य भर में आरएसएस द्वारा चलाए जाने वाले 1200 स्कूलों में 7000 से ज्यादा मुस्लिम छात्रों का नामांकन है।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि केंद्र में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार आने के बाद पिछले दो वर्षों में मुस्लिम छात्रों की संख्या में 30% की वृद्धि देखी गई है। आरएसएस का दावा है कि ये छात्र ‘श्लोकों’, ‘भोजन मंत्र’ जैसे सभी नियमों का उत्साह पूर्वक पालन कर रहे हैं।

सरस्वती शिशु मंदिर और सरस्वती विद्या मंदिर के पदाधिकारियों ने मुस्लिम बच्चों एवं बच्चियों की सराहना करते हुए कहा कि इन बच्चों ने खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं पढ़ाई में स्कूल का नाम ऊंचा और अपने अभिभावकों को गौरवान्वित किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक इन छात्रों की सफलता ने विपक्ष के उस आरोप को खारिज कर दिया है जिसमें कहा जाता है कि राष्ट्र-निर्माण के नाम पर आरएसएस अपने मुस्लिम विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ा रहा है। रोचक बात यह है कि ये मुस्लिम छात्र अपने दिन की शुरुआत ‘सूर्य नमस्कार’ और ‘वंदे मातरम’ के साथ करते हैं। मुस्लिम छात्र वैदिक मंत्रोच्चार भी करते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार आरएसएस के इन स्कूलों में कक्षा 12वीं तक मुस्लिम समुदाय के 4672 लड़के और 2218 लड़कियां शिक्षा प्राप्त करते हैं।