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संवाद सहयोगी, हरिद्वार : शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि हिंदू स्वयं को जाति वर्ग में न बांटें, जाति वर्ग समाप्त कर हिंदु हिंदुत्व के लिए एकजुट हों। गुरु पूर्णिमा का महात्म्य बताते हुए उन्होंने गुरु की महिमा पर प्रकाश डालते हुए गुरु की स्तुति करने की सीख दी, साथ ही चेतावनी दी कि फर्जी शंकराचार्यो से सावधान रहें।

सोमवार को शंकराचार्य मठ में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने अफसोस जताया कि हिंदू समाज को बनिया, दलित, ब्राह्मण आदि जातियों और वर्गो में बांटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सही नहीं है। शंकराचार्य ने फिर दोहराया कि देश में दलित नामक कोई जाति है ही नहीं। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को जीवन में गुरु अवश्य बनाना चाहिए, लेकिन वर्तमान में कुछ लोग स्वयं को शंकराचार्य बता ओर गुरु बनकर जनता को भ्रमित कर रहे हैं। ऐसे गुरुओं से जनता को बचने की जरूरत है। आतंकवाद पर टिप्पणी करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि देश में अवैध रूप से रह रहे विदेशी आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसे विदेशियों को भारत से बाहर करना चाहिए। यदि वे भारत से बाहर नही जा रहे हैं तो उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाने चाहिए। शिरडी में सुदर्शन चक्र मंदिर के निर्माण को लेकर शंकराचार्य ने कहा कि जगह की तलाश शुरू कर दी गयी है। कहा कि लोगों को अब साई के पोस्टर आदि न लगाकर सुदर्शन चक्र के पोस्टर अपने घरों में लगाने चाहिए।