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ललितपुर.श्रावण मास के शुरू होते ही धार्मिक आयोजनों का शुभारंभ हो जाता है। सावन माह धार्मिक आयोजनों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माह माना जाता है। इसी माह में भगवान महादेव के पार्थिव शिवलिगों का निर्माण किया जाता है।ललितपुर के प्रसिद्ध मंदिर श्री 1008 सिद्ध पीठ चंडी माता मंदिर पर सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग का निर्माण के कार्य का शुभारंभ गुरुवार को हो गया।
सर्वप्रथम प्रातकालीन बेला में श्री रूद्रमहायज्ञ का वैदिक पूजन व पीठ स्थापना की गई। तत्पश्चात भक्तों व श्रद्धालुओं द्धारा निर्मित किए गए पार्थिव शिवलिंग का महारूद्राभिषेक,पूजन व पीठ पूजन प्रधान यजमान सुभाष जायसवाल अध्यक्ष नगरपालिका परिषद ने सपत्नीक किया। वहीं श्रद्धालुओं को सावन मास की कथा सुनाते हुए चंडीपीठाधीश्वर स्वामी “श्री चन्द्रेश्वर गिरि महाराज ने कहा कि सावन माह भगवान शिव को अत्यंत प्रिय हैं।
सावन मास में भगवान शंकर की पूजा व अर्चना उनके परिवार के सदस्यों करनी चाहिए। इस माह में भगवान शिव के महारुद्राभिषेक का विशेष महत्व है। इसलिए इस मास में प्रत्येक दिन ‘रुद्राभिषेक’ किया जा सकता है, जबकि
अन्य माह में विशेष पूजन करने के लिए शिववास का मुहूर्त देखना पड़ता है।
भगवान शिव के रुद्राभिषेक में जल, दूध, दही, शुद्ध घी, शहद, शक्कर या चीनी, गंगाजल तथा गन्ने के रस आदि से स्नान कराया जाता है। अभिषेक कराने के पश्चात् बेलपत्र, शमीपत्र, कुशा तथा दूब आदि से शिवजी को प्रसन्न करते हैं। अंत में भांग, धतूरा तथा श्रीफल भोलेनाथ को भोग के रूप में चढ़ाया जाता है। जिससे भगवान भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं।