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वाराणसी. सावन बाबा विश्वनाथ का महीना। काशी और बाबा विश्वनाथ का है पौराणिक महत्व। ऐसे में सावन के पहेल सोमवार के लिए पूरी काशी का शिवमय होना स्वाभाविक है। लेकिन इससे प्रशासन को कोई सरोकार नहीं। न नगर निगम को इसकी चिंता न बिजली विभाग को। पूरा शहर गड्ढे़ में तब्दील है तो बिजली कोढ़ में खाज का काम कर रही है। पहले इसी सावन के सोमवार के लिए रविवार शाम पांच बजे से मंगलवार की भोर तक पूरे शहर को बिजली कटौती से मुक्त रख जाता रहा है। यह व्यवस्था दो साल पहले तक लागू थी। लेकिन इस रविवार शाम से ही पूरे रास्ते भर बिजली की आंख मिचौनी जारी रही। हालांकि पिछले साल भी ऐसा ही रहा। यानी दो साल से काशी और सावन से बिजली व्यवस्था से कोई सरकोकार नहीं रहा। ऐसा नहीं कि दो साल पहले सूबे में यूपीए की सरकार थी, पर बाबा विश्वनाथ के दर्शनार्थियों का पूरा खयाल रखा जाता रहा।

कमिश्नर ने आज ही दिया था निर्देश, सभी अभियंता लगातार करेंगे चक्रमण

कमिश्नर सावन के पहले सोमवार की पूर्व संध्या पर समीक्षा के दौरन बिजली विभाग के सभी अभियंतओं के मुस्तैद रहने की हिदायत दी थी। लेकिन मध्य रात्रि में जब कांवरियों के मार्ग में बिजली गुल हुई तो एसडीओ साहब को इसके बारे में कुछ पता ही नहीं था।

रथयात्रा से है बड़े वाहनों पर रोक, पर भारी वाहन घुसा रास्ते में तोड़ा बिजली तार

कहने को जिला प्रशासन और व पुलिस ने रथयात्रा से ही बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक लगा रखी है। पर देर रात भारी वाहन पहुंचा कांवरिया मार्ग पर और बजली के खंभे में जोर की टक्कर मारी जिसके चलते तीनों फेज के तार टूट गए। बारिश का मौसम. कांवरियों की भी़ड़ और ऐसी अनदेखी। कोई हादसा हो तो कौन जिम्मेदार।

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गोदौलिया से लगी शिवभक्तों की कतार

सावन के पहले सोमवार के लिए रविवार की रात 11 बजे से ही गोदौलिया तक लग गई थी श्रद्धालुओं की कतार। भक्त जन पहुंचे पहले गंगा घाट, किया स्नान फिर कांवर में गंगा जल लिए लग गए कतार में। गोदोलिया से छत्ताद्वार तक अटूट लाइन। कोई रह-रह कर हर हर महादेव का उद्घोष कर रहा तो तो अपनी जगह आदि देव शंकर की आराधना में रहा लीन।

भोर के तीन बजे होगी मंगला आरती, चार बजे खुलेगा पट

भोर के तीन से चार बजे तक होगी मंगला आरती। फिर श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएगा बाबा दरबार का पट। चार बजे से ही गुलजार हो जाएगा बाबा दरबार। शुरू हो जाएगा दर्शन-पूजन का सिलसिला।

पहले दिन काशी के यदुवंशी करेंगे जलाभिषेक

परंपरागत रूप से पहले दिन काशी के यदुवंशी करेंगे बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक। पहले जाएंगें गंगा घाट, दशाश्वमेध घाट से पीतल के घड़ों में भरा जाएगा गंगा जल फिर हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ निकलेगा कारवां।

पूरा परिसर बेला-गुलाब से कर रहा मह-मह

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर को सजाने का काम देर शाम से शुरू हो गया था। इस बार गेदा की 600 माला, 200 पचरंगी माला, 500 रजनीगंधा, 1500 गुलाब के अलावा कामिनी और अशोक की पत्तियों से पूरे परिसर को सजा दिया गया है। कुछ विदेशी फूलों से भी सजावट की गई है।

सोमवार को शाम 6.30 से होगी सप्तर्षि आरती

सावन के सोमवार के चलते सावन भर हर सोमवार को शाम 7.30 बजे से होने वाली सप्तर्षि आरती, एक घंटा पहले 6.30 बजे से होगी।