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नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने आज कहा कि नदियों को जोड़ने की परियोजना पर राज्यों की सहमति से ही आगे बढ़ा जाएगा और जिन राज्यों की इस योजना के लिए पूरी सहमति नहीं है, वहां इस योजना पर काम नहीं किया जाएगा।

केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास मंत्री उमा भारती ने लोकसभा पूरक प्रश्नों के उत्तर में कहा कि उच्चतम न्यायालय ने अपनी एक टिप्पणी में नदी जोड़ो परियोजना को लेकर कहा कि ये योजनाएं राष्ट्रहित में हैं। उन्होंने कहा कि हम इस योजना को लेकर प्रतिबद्ध हैं लेकिन जिन राज्यों की पूरी सहमति है उनकी ही परियोजना पर विचार किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री अन्नाद्रमुक सांसद द्वारा इस संबंध में पूछे गये प्रश्न का उत्तर दे रहीं थीं। केरल के सांसदों ने इस संबंध में आपत्ति जताई थी। उमा ने कहा कि केरल के सदस्यों को चिंता करने की जरूरत नहीं है और प्रधानमंत्री का निर्देश है कि जिन राज्यों की पूरी सहमति नहीं हैं वहां पूरी तरह सहमति होने तक परियोजना पर काम नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘केरल को कुछ कारणों से इस योजना पर आपत्ति रही है इसलिए मैं केरल के सदस्यों को आश्वस्त करना चाहती हूं कि उनके राज्य की इंटरलिंकिंग (नदी जोड़ो) परियोजनाओं पर अभी विचार नहीं किया जाएगा।

उमा ने कहा कि बाढ़ प्रबंधन के लिए हाल में 5000 करोड़ रूपये खर्च किये गये हैं लेकिन यह धन बाढ़ से होने वाले नुकसान के मुकाबले बहुत कम है। इसलिए इसका समाधान यही है कि हम बारिश के अतिरिक्त पानी का उपयोग अपनी रिवर इंटरलिंकिंग परियोजना में करें।