नई दिल्ली : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के वरिष्ठ नेता अशोक सिंघल के निधन को हिंदू समाज के लिए गहरे शोक का विषय और अपूरणीय क्षति करार देते हुए आज कहा कि इस समाज ने एक संघषर्शील और जुझारू नेतृत्व को खो दिया है।

भागवत और संघ के सहकार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी ने अपने बयान में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक के प्रचारक अशोक सिंघल जी ने मृत्यु पर्यंत हिंदू समाज को जागृत करने के लिए संघर्ष किया। संघ की योजना के तहत उन्हें विहिप का दायित्व दिया गया और हिंदू समाज में चैतन्य जागृत करते हुए उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया। संघ प्रमुख ने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन को सिंघल जी ने महत्वपूर्ण बिंदु तक पहुंचाने में अमूल्य योगदान दिया। हिंदुत्व के मूलभूत चिंतन में सिंघल जी का गहरा अध्ययन था जो उनके वक्तव्यों एवं संवादों के जरिए प्रकट होता रहता था। उन्होंने कहा कि ऐसे एक सफल संगठक और सक्रिय सेनापति को हिंदू समाज ने खो दिया है। स्वतंत्र भारत के हिंदू जागरण के इतिहास में अशोक सिंघल का संघषर्शील और जुझारू नेतृत्व सदा याद किया जाएगा।

सिंघल का कल गुड़गांव के एक अस्पताल में निधन हो गया था। वह 89 साल के थे। आज उनकी अंत्येष्टि की गई।

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