राघवेन्द्र बाबा, इंदौर। इंदौर से 40 किमी दूर देपालपुर में सौ करोड़ की लागत से भगवान विष्णु के चौबीस अवतारों का मंदिर बन रहा है। मुख्य मंदिर सोमनाथ की तर्ज पर है। ग्रामीण इसे पांचवां धाम संबोधित कर रहे हैं। इसके दूसरे चरण में भगवान शिव के रुद्र अवतारों के 11 और मां के 9 मंदिर भी बनेंगे। मंदिर के सामने एक बड़ा कुंड बनाकर उसमें नर्मदा लाने की भी तैयारी है। दर्शन से पहले लोग इस कुंड में स्नान कर सकेंगे।

मंदिर का उद्घाटन अगले साल 8 मई को प्राण-प्रतिष्ठा के साथ होगा। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उद्योगपति अंबानी बंधु, अडानी और बिड़ला ग्रुप के मालिकों को भी न्योता भेजा जाएगा। इसी दिन आम जनता के लिए भी इसे खोल दिया जाएगा।

ट्रस्ट के सचिव चिंटू वर्मा ने बताया कि मंदिर निर्माण की नींव 1968-69 में देपालपुर में हुए विष्णु महायज्ञ में रखी गई थी। यह यज्ञ गुरुदेव अनंतश्री जयकरणदास भक्तमाली परमहंस महाराज ने करवाया था, जिसमें देश के चारों शंकराचार्य शामिल हुए थे। गुुरुदेव ने ही इसका मॉडल तैयार करवाने के साथ मां नर्मदा का मंदिर बनवाया था।

साथ ही कहा था कि भविष्य में यहां नर्मदा आएगी। गुरुदेव ने 2004 में शरीर छोड़ दिया, लेकिन उनका ट्रस्ट सार्व भौम हिंदू धर्म श्री चौबीस अवतार मंदिर अब उद्देश्य पूरा करने में जुटा है। ट्रस्ट के अध्यक्ष देपालपुर विधायक मनोज पटेल हैं।

कुर्म क्षेत्र में दान किए सोने के जेवरात

बहुत कम लोग जानते होंगे कि मंदिर निर्माण के दौरान उसका कुर्म क्षेत्र (एक तरह से नींव)बनाते हैं, यानी जहां मूर्ति स्थापित होती है, वहां गड्ढा कर पाइप लगाते हैं और लोग उसमें गुप्त दान करते हैं। इस मंदिर का कुर्म क्षेत्र बनाया गया तो लोगों ने स्वेच्छा से करीब 25 लाख का सोना (अंगूठी से लेकर सोने के कई आभूषण) उस पाइप में डाला। कहा जाता है यह भगवान को दिया गया धन रहता है।

LEAVE A REPLY