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ग्रेटर नॉएडा की एक अदालत ने पिछले साल दादरी के बिसाहड़ा गांव में मारे गए मोहम्मद अख़लाक़ के परिवार वालों के खिलाफ गौहत्या का मामला दर्ज करने का आदेश दिया है. बिसाहड़ा गांव के सूरजपाल सिंह ने ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में अखलाक के परिजनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए एक प्रार्थनापत्र दिया था. इस एप्लीकेशन में सूरजपाल का कहना था कि पिछले महीने आई मथुरा की फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि हो जाती है कि अख़लाक़ के घर से गौमांस ही मिला था.

एप्लीकेशन में यह दावा भी किया गया था कि घटना वाले दिन से एक दिन पहले अख़लाक़ और उसके भाई को एक बछड़ा काटते देखा गया था. इन तथ्यों के आधार पर अदालत से अख़लाक़ के परिवार वालों के खिलाफ गाय संरक्षण अधिनियम के तहत गौहत्या का केस दर्ज करने की मांग की गई थी. गुरूवार को इस मामले में फैसला सुनाते हुए अदालत ने अख़लाक़ की मां, पत्नी और भाई सहित सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया है.

पिछले महीने मथुरा की फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट में कहा गया था कि अखलाक के घर से मिला मांस ‘गाय या उसी वंश’ के किसी पशु का था. हालांकि, इससे पहले आई ग्रेटर नोएडा के पशु चिकित्सा अधिकारी की रिपोर्ट में मांस को मटन बताया गया था. पिछले साल 28 सितंबर को मोहम्मद अखलाक को उन्मादी भीड़ ने गौमांस खाने के शक में पीट-पीटकर मार डाला था.