मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध महाकाल मंदिर में सावन शुरू होने के बाद से भादो मास में 29 अगस्त को भगवान महाकाल की शाही सवारी निकलने तक 41 दिनों तक पर्व मनाया जाएगा। इसके लिए गुरु पूर्णिमा पर मंगलवार से ही देशभर से भारी संख्या में श्रद्धालु ज्योतिर्लिंग महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचने लगे।

 

 

 

 

तीन दिन गर्भगृह में प्रवेश पूर्णतः बंद…
इसे देखते हुए प्रशासन ने सप्ताह में तीन दिन, प्रति शनिवार, रविवार और सोमवार, को गर्भगृह में पूर्णत: प्रवेश बंद रखने का निर्णय लिया है। लिहाजा श्रद्धालु बाहर नंदी हॉल के पीछे बेरिकेड्स से महाकाल का दर्शन कर पाएंगे। इन तीन दिनों के दौरान गर्भगृह में आम श्रद्धालुओं से लेकर वीआईपी को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

बदला गया आरती का समय…
सावन-भादो मास में महाकाल की आरती-पूजन का समय परिवर्तित किया गया है। नई समय सारणी के अनुसार, अब भस्मारती सुबह 4 से 6 बजे की बजाय रात 3 बजे होगी। वहीं हर सोमवार को यह आरती रात 2:30 बजे संपन्न की जाएगी। चूंकि प्रत्येक सोमवार को भगवान महाकाल की सवारी निकली जाएगी, इसलिए शाम 5 बजे होने वाली संध्या आरती दोपहर 3 बजे की जाएगी।

महाकाल की सवारी का ऑनलाइन दर्शन…
मंदिर की आईटी सेल महाकाल की सवारी के ऑनलाइन दर्शन की तैयारी कर रही है, ताकि देश-विदेश के श्रद्धालु घर बैठे ही यह देख सकें। यह मंदिर की वेबसाइट www.mahakaleshwar.in पर तड़के 3 बजे से रात 10.30 बजे तक प्रसारित किया जाएगा।

इन तिथियों को निकलेगी महाकाल की सवारी…
श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश मार्ग से लेकर नंदीहॉल और बाहर निर्गम गेट के पास और पुलिस चौकी गेट पर लगी एलईडी पर भी लाइव दर्शन भी कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि सावन-भादो मास में भगवान महाकाल की पहली सवारी 25 जुलाई, दूसरी 1 अगस्त, तीसरी 8 अगस्त, चौथी 15 अगस्त, पांचवीं 22 अगस्त और छठी और अंतिम शाही सवारी 29 अगस्त को निकलेगी।